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07

Mar

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राजस्थान में जल क्रांति: राम जल सेतु लिंक परियोजना का शुभारंभ

जयपुर: राजस्थान में जल संकट के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राम जल सेतु लिंक परियोजना का शुभारंभ किया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो के सपने को साकार करते हुए, मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से यह परियोजना धरातल पर उतर रही है।

परियोजना की मुख्य बातें:

  • जल उपलब्धता: इस परियोजना के तहत राजस्थान को कुल 4,102.6 एमसीएम जल प्राप्त होगा, जिसमें 522.80 एमसीएम पुनर्चक्रित जल भी शामिल है।
  • पेयजल और सिंचाई: परियोजना में पेयजल के लिए 1,744 एमसीएम, उद्योगों के लिए 205.75 एमसीएम, नए क्षेत्र में सिंचाई के लिए 1,159.38 एमसीएम और पूर्व निर्मित बांधों में सिंचाई की पुनर्स्थापना के लिए 615.43 एमसीएम जल का प्रावधान किया गया है।
  • नदियों का पुनरुद्धार: इस परियोजना से कालीसिंध, पार्वती और चंबल नदियों सहित कई नदियों को जीवनदान मिलेगा, जिससे भूमि जल का पुनर्भरण होगा।
  • आर्थिक और सामाजिक लाभ: जल की उपलब्धता से प्रदेश की आर्थिक प्रगति और सामाजिक स्थायित्व को मजबूती मिलेगी।
  • सहयोग: राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयास से यह परियोजना साकार हो रही है, जिससे दोनों राज्यों के लिए नए स्वर्णिम युग की शुरुआत होगी।
  • वित्तीय प्रावधान: इस परियोजना में 44,517 करोड़ रुपये के कार्यों के लिए स्वीकृतियां जारी हो गई हैं, और 9,416 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों का शिलान्यास हो चुका है।
  • नवनेरा बैराज: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2024 में राम जल सेतु लिंक परियोजना के प्रथम चरण में 1,060 करोड़ रुपये की लागत से बने कालीसिंध पर निर्मित नवनेरा बैराज का लोकार्पण किया था।
  • सिंचित क्षेत्र में वृद्धि: राजस्थान सरकार ने प्रस्तावित सिंचित क्षेत्र को संशोधित पीकेसी परियोजना में 4 लाख 3 हजार हेक्टेयर तक किया है।
  • पूर्व सरकार की निष्क्रियता: जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने विधानसभा में बताया कि पिछली सरकार ने इस योजना में कोई सार्थक प्रयास नहीं किए, जिससे योजना लटकी रही।
  • पेयजल प्राथमिकता: परियोजना में आवंटित जल का लगभग 44% हिस्सा पेयजल के लिए रखा गया है।
  • समझौता: राजस्थान, मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार के बीच इस संबंध में एमओए दिसंबर 2024 में हस्ताक्षरित हुआ।
  • निविदाएं: 12,064 करोड़ रुपये की निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी हैं।
  • निर्माण कार्य: कूल नदी पर रामगढ़, पार्वती नदी पर महलपुर बैराज, चंबल नदी पर जलसेतु सहित नवनेरा बैराज से बीसलपुर बांध तथा ईसरदा बांध में जल अपवर्तन तंत्र का निर्माण शामिल है।
  • सिंचाई परियोजनाएं: इसमें वृहद एवं मध्यम तथा अन्य लघु सिंचाई परियोजनाओं के साथ कई तालाबों में जल अपवर्तित करने का प्रावधान रखा है।

निष्कर्ष:

राम जल सेतु लिंक परियोजना राजस्थान और मध्य प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक पहल है, जो जल संकट के समाधान के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति देगी।

अतिरिक्त जानकारी:

  • इस परियोजना को "राम जल सेतु लिंक परियोजना" नाम दिया गया है, जिसमें राजस्थान से 'रा' और मध्य प्रदेश से 'म' को संयुक्त किया गया है।
  • परियोजना के तहत 9,416 करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी कर कार्य प्रारंभ हो गए हैं।