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02

Jul

28

22

5 किलो ज्वार से शुरू हुआ सफर, आज बनीं सफल आंत्रप्रेन्योर

बेंगलुरु (कर्नाटक) की जगदेवी चंद्रकांत ने अपने मजबूत इरादों और मेहनत से यह साबित कर दिया कि किसी भी काम की शुरुआत छोटी हो सकती है, लेकिन उसका असर बहुत बड़ा हो सकता है।

🏡 घर चलाने के लिए शुरू की ज्वार की रोटियां

कलबुर्गी की रहने वाली जगदेवी ने आर्थिक तंगी में घर चलाने के लिए ज्वार की रोटियां बनाना शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने केवल 5 किलो ज्वार से काम शुरू किया था, लेकिन धीरे-धीरे उनकी रोटियों के साथ-साथ मूंगफली की चटनी, पलीया जैसे पारंपरिक व्यंजनों की भी खूब मांग बढ़ गई।

📈 बढ़ती मांग, बढ़ता व्यवसाय

रोज का खर्च निकालने वाला छोटा सा काम जल्द ही एक स्थिर व्यवसाय बन गया। उन्होंने न केवल अपने सभी कर्ज चुकाए, बल्कि अब वह अन्य खेतों में भी ज्वार की फसल उगवाने लगी हैं।

👭 महिलाओं को मिला रोजगार

आज जगदेवी 25 महिलाओं को रोज़गार दे रही हैं। वह अब एक सशक्त महिला उद्यमी (Women Entrepreneur) के रूप में उभर चुकी हैं और कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।


🌟 प्रेरणा क्या है?

  • छोटा प्रयास भी बड़ा बदलाव ला सकता है।

  • आत्मनिर्भरता की दिशा में हर कदम मायने रखता है।

  • महिला सशक्तिकरण केवल शब्द नहीं, उदाहरण भी बन सकता है।


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