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भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के जेबर में बन रहा है, जो दिल्ली से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित है। इस एयरपोर्ट को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के नाम से भी जाना जाएगा। इस एयरपोर्ट का डिजाइन और निर्माण अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, और इसमें 178 विमान एक साथ पार्क हो सकेंगे, जो कि देश के किसी भी अन्य एयरपोर्ट से कहीं अधिक है।
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यह एयरपोर्ट भारतीय विमानन क्षेत्र में एक नई क्रांति लाएगा, क्योंकि यह न केवल उच्चतम तकनीकी मानकों के अनुरूप होगा, बल्कि इसके निर्माण से पूरे क्षेत्र में आर्थिक और रोजगार सृजन के अवसर भी बढ़ेंगे। जेबर एयरपोर्ट की विशेषता यह होगी कि यह सभी प्रमुख एयरलाइंस को अपनी सुविधाओं के तहत विस्तृत ऑपरेशन की अनुमति देगा।
इस एयरपोर्ट के निर्माण से न केवल दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में यात्री यातायात में वृद्धि ...
भारत सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना के तहत राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में चीता संरक्षण हेतु एक 2000 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनाने का ड्राफ्ट तैयार किया है। यह कॉरिडोर मुख्य रूप से चीतों की पुनः स्थापना और उनकी संख्या को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रस्तावित है।
भारत में चीतों की संख्या में लगातार कमी आ रही थी, लेकिन 2022 में दक्षिण अफ्रीका से चीतों की पुनः आव्रजन योजना के तहत चीतों को कूनो नेशनल पार्क (मध्य प्रदेश) में लाया गया था। अब इस नए कॉरिडोर की योजना से इन चीतों के प्राकृतिक आवास का विस्तार किया जाएगा, जिससे उनका संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
इस कॉरिडोर में राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख जंगलों और अभ्यारण्यों को जोड़ने का प्रस्ताव है। यह प्रयास पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे स्थानीय पारि...
आधुनिक भारत में अन्धविश्वास का काला शाया, हिन्दोली में महिला को डायन बता गर्म चीमटे से पीटा
Read Moreराजस्थान लोक सेवा आयोग ने तीन परीक्षाओ के सिलेबस जारी किया
Read Moreबड़े घरों में अवशिष्ट जल का शुद्धिकरण और रीसाइक्लिंग: राजस्थान की पहल
राजस्थान, जो कि अपनी जल-संकट समस्याओं के लिए प्रसिद्ध है, ने बड़े घरों और अपार्टमेंट्स में अवशिष्ट जल के शुद्धिकरण और रीसाइक्लिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहल की है। राज्य सरकार और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों ने मिलकर जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और नवीनतम तकनीकों को अपनाने के लिए कई योजनाएं और प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं।
राजस्थान की चुनौतियाँ
राजस्थान में जल संकट की समस्या हमेशा से गंभीर रही है। राज्य के अधिकतर हिस्सों में जल की उपलब्धता सीमित है, और यहां के लोग पहले से ही जल संरक्षण के प्रति सजग रहे हैं। लेकिन शहरीकरण के बढ़ते प्रभाव के कारण बड़े घरों और अपार्टमेंट्स में जल की खपत और अवशिष्ट जल की मात्रा बढ़ी है। इसे नियंत्रित करने के लिए राज्य ने एक ठोस कदम उठाया है।
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सरकार की जन औषधि योजना के तहत उपलब्ध दवाओं की कीमतें बाजार में उपलब्ध ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 90% तक सस्ती हैं। इस योजना का उद्देश्य आम नागरिकों को किफायती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे उनके स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में कमी आए।
जन औषधि योजना के तहत देशभर में खोले गए जन औषधि केंद्रों पर सभी आवश्यक दवाएं, सर्जिकल उत्पाद, और स्वास्थ्य संबंधी अन्य वस्त्र उपलब्ध हैं। इन केंद्रों पर उपलब्ध दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण और जांच की जाती है।
सरकार का कहना है कि इस योजना के माध्यम से अब तक लाखों लोगों को किफायती स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला है। दवाओं की कीमतों में इस कमी के कारण आम जनता, विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, को स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच मिली है।
मुख्य बिंदु:...
देशभर में 10 अगस्त को राष्ट्रीय क्रीमी मुक्त दिवस मनाया जाएगा। इस दिन का उद्देश्य बच्चों में पेट के कीड़ों से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें इनसे मुक्त करना है। इस अवसर पर देशभर में व्यापक स्तर पर क्रीमी-रोधी दवाओं का वितरण किया जाएगा, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, क्रीमी मुक्त दिवस के तहत स्कूलों और आंगनवाड़ियों में बच्चों को अल्बेंडाजोल नामक दवा दी जाएगी, जो पेट के कीड़ों को नष्ट करने में प्रभावी है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य बच्चों में पोषण की स्थिति में सुधार करना और उनकी शारीरिक और मानसिक विकास में बाधा डालने वाले कारकों को दूर करना है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इस अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय भागीदारी की अपील की है। इसक...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि सरकार अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं करेगी। यह बयान उस समय आया है जब कुछ वर्गों द्वारा SC/ST आरक्षण में क्रीमी लेयर की मांग की जा रही थी। क्रीमी लेयर लागू करने का तात्पर्य उन व्यक्तियों को आरक्षण के दायरे से बाहर करना है जो आर्थिक रूप से सशक्त हो चुके हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर विचार करते हुए सुझाव दिया था कि SC/ST आरक्षण में भी क्रीमी लेयर का सिद्धांत लागू किया जा सकता है, ताकि वास्तव में जरूरतमंद लोगों को ही इसका लाभ मिल सके। कोर्ट का तर्क था कि आरक्षण का उद्देश्य केवल सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन को दूर करना होना चाहिए, न कि इसका लाभ उन लोगों को मिले जो पहले से ही आर्थिक रूप से संपन्न हो चुके हैं। इसके बावजूद, प्रधानमंत्री ने अपने बयान में स्पष्ट क...
Read Moreखाद्य सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों के लिए सरकार ने 15 अगस्त तक KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य कर दिया है। यह कदम योजना के लाभार्थियों की पहचान को सत्यापित करने और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार द्वारा जारी किए गए ड्राफ्ट में बताया गया है कि जो लाभार्थी 15 अगस्त तक अपनी KYC प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, उनके खाद्य सुरक्षा के लाभ अस्थायी रूप से रोक दिए जाएंगे। इस प्रक्रिया में आधार कार्ड, वोटर आईडी, और अन्य वैध पहचान पत्रों का सत्यापन शामिल होगा। सरकार का यह निर्णय योजना की पारदर्शिता को बढ़ाने और सही लोगों तक लाभ पहुंचाने के प्रयासों का हिस्सा है। संबंधित अधिकारी जल्द ही KYC प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करेंगे, और लाभार्थियों को समय पर सूचना दी जाएगी। मुख्य बिंदु: KYC प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूर...
Read Moreविश्व स्तनपान सप्ताह: 1 से 7 अगस्त
विश्व स्तनपान सप्ताह हर साल 1 से 7 अगस्त तक मनाया जाता है। इसका उद्देश्य स्तनपान के महत्व को जागरूक करना और इसके फायदों के बारे में जानकारी फैलाना है। इस साल की थीम "स्तनपान: एक स्वस्थ भविष्य की नींव" है, जो इस बात पर जोर देती है कि माँ का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार है।
माँ के दूध के फायदे
संपूर्ण पोषण: माँ का दूध शिशु के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व प्रदान करता है, जिनमें विटामिन, मिनरल्स, प्रोटीन, और एंटीबॉडी शामिल हैं।
प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना: माँ के दूध में मौजूद एंटीबॉडी शिशु को संक्रमण और बीमारियों से बचाते हैं।
बौद्धिक विकास: शोध से पता चला है कि स्तनपान करने वाले शिशुओं का मानसिक विकास बेहतर होता है।
भावनात्मक संबंध: स्तनपान माँ और शिशु के बीच भावनात्मक बंधन को मजबूत करता है।
स्तनपान के दौरान ध्...
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