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जयपुर: राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री कन्यादान योजना' बेटियों के विवाह को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। इस योजना के तहत, पात्र परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए ₹21,000 से ₹51,000 तक की सहायता राशि प्रदान की जाती है। यह योजना मूल निवासी परिवारों के लिए है, विशेषकर उन परिवारों के लिए जिनकी दो बेटियों की शादी होनी है। योजना के लाभार्थि और पात्रता: यह योजना अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग के बीपीएल परिवारों की कन्याओं, शेष सभी वर्गों के बीपीएल परिवारों, अंत्योदय परिवार, आस्था कार्डधारी, आर्थिक दृष्टि से कमजोर, विधवा, विशेष योग्यजन, पालनहार महिलाओं के विवाह के लिए है। इसके अतिरिक्त, महिला खिलाड़ियों को स्वयं के विवाह के लिए भी सहायता का प्रावधान है। पात्रता मापदंडों में शामिल हैं: जिसके माता-पिता का देहांत हो चुका है। ऐसी विधवा यो...
Read Moreजयपुर: राजस्थान सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 'मा योजना' की शुरुआत की है, जिसमें पूर्ववर्ती चिरंजीवी योजना के मुकाबले बजट और पैकेज दोनों में बढ़ोतरी की गई है। इस योजना का उद्देश्य राज्य के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है।
मुख्य बिंदु:
राजस्थान सरकार ने राज्य के पशुपालकों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की है, जिसका नाम है "मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना"। इस योजना के तहत 21 लाख पशुओं का निशुल्क बीमा किया जाएगा।
मुख्य बातें:
राजस्थान सरकार ने राज्य के पशुधन के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पशुओं को विभिन्न रोगों से बचाने के लिए टीकाकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मुख्य बातें:
राजस्थान सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत दो महत्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं: "गिव अप" अभियान और नए आवेदन की शुरुआत। यह पहल बीकानेर, राजस्थान में लागू की गई है।
"गिव अप" अभियान:
सरकार ने अपात्र परिवारों से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) की सूची से स्वेच्छा से अपना नाम हटाने का आग्रह किया है। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल पात्र परिवारों को ही इस योजना का लाभ मिले।
अपात्रता मानदंड:
नाम हटाने की प्रक्रिया:
ज़रूर, यहाँ इस पाठ का हिंदी में मसौदा है:
आर्टिजन कार्ड: 18 वर्ष से अधिक उम्र के हस्तशिल्प कलाकारों के लिए सुविधा
यह कार्ड राज्य के किसी भी ऐसे महिला-पुरुष जो हस्तशिल्प कला के धनी हैं यानी हैंडीक्राफ्ट वर्क करते हैं, वे बनवा सकते हैं। 18 से अधिक उम्र के व्यक्ति कार्ड के लिए अधिकृत हैं। इसके बनने से कई प्रकार की सुविधाएं मिलती हैं। आर्टिजन कार्ड स्टेट व नेशनल लेवल का बनता है।
फीस नहीं लगती, 5 वर्ष के लिए बनता है
कार्ड की वैधता 5 वर्ष है, जिसे रिन्यू करा सकते हैं। आवेदन के 3 से 4 माह में बनता है, जिसकी कोई फीस नहीं लगती।
कार्ड के ये हैं फायदे
जयपुर: राजस्थान पुलिस की एससीआरबी विंग द्वारा महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिए संचालित राजकॉप सिटीजन ऐप के डेमो की जिलेवार शुरुआत जनवरी के पहले सप्ताह से की जाएगी।
ऐप में वुमन सेफ्टी के लिए 'नीड हेल्प' नाम का फीचर जोड़ा गया है। इसके जरिए महिलाएं या बच्चे मुसीबत में होने पर पुलिस से मदद मांग सकते हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाल ही में उदयपुर में इसका उद्घाटन किया था।
नए साल में डेमो की शुरुआत जयपुर कमिश्नरेट से की जाएगी। इस दौरान आईजी शरत कविराज, डीआईजी पंकज चौधरी के साथ जिले के डीसीपी, एसीपी व एसएचओ मौजूद रहेंगे। अवेयरनेस के लिए राज्य के विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय, कॉलेज व स्कूल में भी इसके लिए सत्र आयोजित किए जाएंगे।
Read Moreयोजनाओ का लाभ प्राप्त करने के शर्तें
राजस्थान में उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति (SC) के लिए ऑनलाइन आवेदन का संपूर्ण विवरण
1. पात्रता:
1.यह छात्रवृत्ति भारत के सभी नागरिकों के लिए खुली है।
2.आवेदक की वार्षिक आय सभी स्रोतों से 2.50 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
3.आवेदक ने 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की होनी चाहिए।
4.ये छात्रवृत्तियां मान्यता प्राप्त संस्थानों/विश्वविद्यालयों/कॉलेजों में अध्ययन के लिए सभी पुनर्गठित पोस्ट-मैट्रिक या पोस्ट-सेकेंडरी पाठ्यक्रमों के अध्ययन के लिए दी जाएंगी, जहाँ पीएमएस-एससी का लाभ इंटरमीडिएट, स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए उठाया जा सकता है।
5.केवल वे उम्मीदवार जो अनुसूचित जाति से संबंधित हैं और जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की मैट्रिक या उच्च माध्यमिक या कोई उच्च परीक्षा उत्तीर्ण की है, पात्र हो...
छात्रवृत्ति के लिए पात्रता :
1.छात्रवृत्ति भारत के सभी नागरिकों के लिए खुली है।
2. आवेदकों की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
3. आवेदक को 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए।
4.ये छात्रवृत्ति मान्यता प्राप्त संस्थानों/विश्वविद्यालयों/कॉलेजों में किए गए सभी पुनर्गठित पोस्ट-मैट्रिक या पोस्ट-माध्यमिक पाठ्यक्रमों के अध्ययन के लिए दी जाएगी, जहां इंटरमीडिएट, स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए पीएमएस-एससी का लाभ उठाया जा सकता है।
5. केवल वे अभ्यर्थी जो अनुसूचित जनजाति से हैं, जिन्होंने मैट्रिक या उच्चतर माध्यमिक या किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कोई उच्चतर परीक्षा उत्तीर्ण की है, पात्र होंगे।
6.विभिन्न कक्षाओं में नियमित छात्र के रूप में प्रवेश के लिए आयु सीमा की सीमा संबंधित संस्थानों द्वारा तय की जानी चाहिए। <...
छात्रवृत्ति के लिए पात्रता : 1.छात्रवृत्ति भारत के सभी नागरिकों के लिए खुली है। 2. आवेदकों की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। 3. आवेदक को 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। 4.ये छात्रवृत्ति मान्यता प्राप्त संस्थानों/विश्वविद्यालयों/कॉलेजों में किए गए सभी पुनर्गठित पोस्ट-मैट्रिक या पोस्ट-माध्यमिक पाठ्यक्रमों के अध्ययन के लिए दी जाएगी, जहां इंटरमीडिएट, स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए पीएमएस-एससी का लाभ उठाया जा सकता है। 5. केवल वे अभ्यर्थी जो अनुसूचित जनजाति से हैं, जिन्होंने मैट्रिक या उच्चतर माध्यमिक या किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कोई उच्चतर परीक्षा उत्तीर्ण की है, पात्र होंगे। 6.विभिन्न कक्षाओं में नियमित छात्र के रूप में प्रवेश के लिए आयु सीमा की सीमा संबंधित संस्थानों द्वारा तय की जानी चाहिए। 7.वे अभ्...
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